रोती है कभी कभी बच्चा बन कर रोती है कभी कभी बच्चा बन कर
हर एक पल खुद को कोसती हूं क्यों होते हैं लोग इतने मतलबी, हर एक पल खुद को कोसती हूं क्यों होते हैं लोग इतने मतलबी,
कौन सुने जंगल का दुखड़ा गौरैया का धर भी उजड़ा कौन सुने जंगल का दुखड़ा गौरैया का धर भी उजड़ा
तुम में और हम में फर्क बस इतना हम हर खता भुला देते हैं.....। तुम में और हम में फर्क बस इतना हम हर खता भुला देते हैं.....।
सूरत उनकी भोली है, दिल भी भोला सा है। मासूम अदाओं को, हाय ! कैसे बयाँ कर दूँ। सूरत उनकी भोली है, दिल भी भोला सा है। मासूम अदाओं को, हाय ! कैसे बयाँ कर दू...
होती हैं जग में अवहेलना तो अपनी दास्तान सुनाने समंदर किनारे जा बैठे। होती हैं जग में अवहेलना तो अपनी दास्तान सुनाने समंदर किनारे जा बैठे।